कालसर्प दोष कैलकुलेटर
जन्म तिथि, समय और स्थान से जाँचें कि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है या नहीं और कौन-सा प्रकार है।
इस टूल के बारे में
कालसर्प दोष तब माना जाता है जब सूर्य से शनि तक सातों ग्रह राहु-केतु अक्ष के एक ही ओर हों। इसका नाम राहु जिस भाव में बैठा हो उससे रखा जाता है।
परंपरा में इसे देरी और परिश्रम के बाद प्रबल फल देने वाला कहा गया है, और कई प्रसिद्ध लोगों में यह बताया जाता है। यह कुंडली के अनेक योगों में से एक है, इसलिए इसे शेष कुंडली के साथ पढ़ना चाहिए, अकेले इससे डरना नहीं चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सातों ग्रह एक ओर हों तो हर कुंडली कालसर्प है?
शास्त्रों में यह भी देखा जाता है कि कोई ग्रह अक्ष पर या उसके बाहर तो नहीं। यह टूल तब बताता है जब सातों ग्रह राहु और केतु के बीच के आधे राशिचक्र में हों।
क्या उपाय हैं?
परंपरा में शिव-पूजन, मंत्र और दान सुझाए जाते हैं। उपाय आस्था की बात है; पंडित जी अपनी परंपरा के अनुसार मार्गदर्शन कर सकते हैं।
क्या प्रकार का महत्त्व है?
प्रकार का नाम राहु के भाव पर होता है और पंडित इससे जीवन के प्रभावित क्षेत्र बताते हैं।